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ग्राम पंचायत के द्वारा पंचायत में कन्या विवाह, विधवा पेंसन, ब्रधा पेंसन, इंदिरा आवास चाइल्ड डेवेलपमेंट प्रॉजेक्ट ऑफीसर के द्वारा संचालित हो रहा है एवं छात्रब्रत्ति योजना भी चल रही है!

यह बुढ़मू ब्लॉक का एक पंचायत है। इसकी उम्र लगभग 400 वर्ष है। इस गाँव में कई मुहल्ले हैं जिसमें हर प्रकार की जातियॉं निवास करती हैं। सभी मुहल्ले एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। साथ हीं सभी समुदाय के लोग एक दूसरे के पूरक हैं।

 

बुढ़मू ग्राम पंचायत

यह बुढ़मू ब्लॉक का एक पंचायत है। इसकी उम्र लगभग 400 वर्ष है। इस गाँव में कई मुहल्ले हैं जिसमें हर प्रकार की  जातियॉं निवास करती हैं। सभी मुहल्ले एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। साथ हीं सभी समुदाय के लोग एक दूसरे के पूरक हैं। बुढ़मू प्रखंड मुखयालय है। यह राजधानी रांची से 30 कि0 मी0 उत्तर में स्थित है। इस प्रखण्ड के पूरब में बाड़े पंचायत, पच्च्चिम में मुरूपीरी पंचायत, दक्षिण में माण्डर प्रखण्ड सीमा एवं उत्तर में मक्का पंचायत है। प्रखण्ड मुखयालय होने के कारण यहां प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, प्रखण्ड सर्किल ऑफीसर, प्रखण्ड आपूर्ती पदाधिकारी, सहकारी पदाधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास पदाधिकारी नियुक्त किए गाए हैं। इन सबके बैठने के लिए एक एक कार्यालय है। सभी कार्यालय चहारदीवारी से धिरे हैं। यहां एक पुलिस पिकेट भी बना हुआ है। इसके ठीक बगल में बुढ़मू थाना है जिसमें थाना प्रभारी एवं सच्चस्त्र बल मौजूद रहते हैं। यहां की कुल आबादी लगभग 8000 है।
बुढ़मू पंचायत प्रमुख रुप से कृषि बहुल क्षेत्र के रुप में प्रसिद्ध है। यहां एक कृद्गाी फार्म भी है जिससे किसानों को कई तरह की मदद मिलती है। कुछ लोग छोटे मोटे होटल और दुकान चलाकरभी पैसे कमाते हैं। यहां प्रखण्ड संसाधन केन्द्र है जहां पारा च्चिक्षकों की ट्रेनिंग होती है। यहां जंगल भी बहुत हैं जिनमें नक्सलियों का आतंक हमेसा छाया रहता है। यहां एक छोटा पहाड़ भी है जिसका नाम कोटारी पहाड़ है।
यहां थाना तथा ब्लॉक दोनो है जिस कारण यह गांव थोड़ा विकसित है। यहां दो विद्यालय प्रमुख हैं- राजीव गांघी उच्च विद्यालय तथा कस्तूरबा बालिका उच्च विद्यालय। यहां की साक्षरता दर 35 प्रतिच्चत है।